आतंकियों के खिलाफ अमेरिका ने भारत के साथ मिलकर रचा ये षडयंत्र, अब भारतीय ब्लैक कैट कमांडो के साथ करेंगे…

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान ही आतंकवाद ख़त्म करने का वादा किया था. हाल-फिलहाल में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. वहीँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वो अपना अच्छा दोस्त मानते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ अब उन्हें भारत की जरुरत भी है, क्योंकि भारत भी पाकिस्तानी आतंक का सामना पिछले कई दशकों से कर रहा है. ऐसे में अब एक बड़ी खबर सामने आ रही है.

अमेरिका के सील कमांडो आएंगे भारत




दरअसल अमेरिका आतंक से निपटने को लेकर बेहद संजीदा है. पाकिस्तानी आतंकवादियों से निपटने के लिए अब अमेरिका ने भारत की सहायता का फैसला लिया है. आतंकी घटनाओं, खास तौर पर “लोन वुल्फ” अटैक जैसी घटना को रोकने के लिए भारत भी बड़ी तैयारी कर रहा है.

खबर है कि 26 जनवरी के बाद अमेरिका की स्पेशल फोर्स, कोलकाता के एनएसजी हब में काउंटर टेरर को लेकर स्पेशल अभ्यास करेगी. ख़ास बात ये है कि इस अभ्यास में दुनिया के सबसे खतरनाक अमेरिकन सील कमांडो भी शामिल होंगे. भारत के एनएसजी यानी ब्लैक कैट कमांडो के साथ आतंक से निपटने की खास ट्रेनिंग साझा की जाएगी.

सिखाएंगे पाक आतंकियों को ठोकने के तरीके

ये अभ्यास करीब दो सप्ताह तक चलेगा और इस दौरान दोनों देशों के कमांडोज मिलकर आतंकवादियों को मार गिराने के तरीकों का अभ्यास करेंगे. बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि यदि पाकिस्तान ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी की जा सकती है.

ऐसे में इस अभ्यास के कई मतलब निकाले जा रहे हैं. सिर से पैर तक काली यूनिफार्म में ढके एनएसजी कमांडो वैसे तो देश में अक्सर ही आतंकियों का सामना करने का अभ्यास करते रहते हैं, साथ ही अलग-अलग देशों के कमांडो के साथ भी इनके अभ्यास होते रहते हैं. मगर इस बार अमेरिका के नेवी सील्स के साथ अभ्यास कुछ ख़ास बताया जा रहा है.

इससे पहले दिसंबर में एनएसजी कमांडो ने फ्रांस के कमांडोज के साथ काउंटर टेरर का अभ्यास किया था. वहीं, सितंबर और अक्टूबर के महीने में थाईलैंड के कमांडो भी भारत के इस एलीट फोर्स के साथ आतंकी गतिविधियों से निपटने का अभ्यास कर चुके हैं.

वहीँ नवंबर में जर्मनी के कमांडो भी एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो के साथ आतंक से निपटने का अभ्यास कर चुके हैं. इसके अलावा दुनिया की सबसे खतरनाक और बेस्ट कमांडो में से एक माने जाने वाली ब्रिटेन की “एस ए एस” (SAS Commando) के साथ भी भारत की एलीट कमांडो फोर्स एनएसजी जल्द ही कमांडो ट्रेनिंग करेगी.

इसके पीछे उद्देशय है कि किसी भी तरह के आतंकियों को आसानी से ठिकाने लगाया जा सके. भारत चाहता है कि एनएसजी के पास दुनिया की सबसे एडवांस ट्रेनिंग और उपकरण व् हथियार होने चाहिए.




किसी भी आतंकी घटना के दौरान ब्लैक कैट कमांडो ही अहम भूमिका में होते हैं. आजकल आतंकियों ने नए-नए तरीके के आईईडी का इस्तेमाल शुरू किया हुआ है. जिसके चलते नेशनल बम डाटा सेंटर में इन आईईडी और उसको निष्क्रिय करने की जानकारी कमांडो को दी गई थी.

इस अभ्यास में अमेरिका और इजरायल सहित 12 देश के 40 डेलीगेट्स शामिल हुए थे. अलग-अलग देशों में किस तरीके से आतंकी विस्फोटक का इस्तेमाल करते हैं, उसे लेकर हुई मीटिंग में आईएसआईएस के खतरे और आतंकियों द्वारा प्रयोग विस्फोटक पर खास चर्चा की गई थी.

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