पाकिस्तान पर हंटर चलाने के बाद अब अमेरिका ने लाखों भारतीयों को लेकर दी बड़ी खुशखबरी, विरोधियों की करी बोलती बंद…

एक तरफ पाकिस्तान पर अमेरिका कहर बनकर टूट रहा है, करोड़ों रूपए की आर्थिंक मदद और सैन्य मदद रोकने के बाद पाकिस्तान अब अमेरिका के पेंटागन की नज़र में आ गया है. तो वही दूसरी तरफ मोदी सरकार के विरोधी अमेरिका के एच1बी वीजा पालिसी को लेकर भ्रम फैला रहे हैं कि लाखों भारतीयों की नौकरी खतरे में है. इस बीच खुद अमेरिका ने भारत को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है, जिससे उन कांग्रेस समेत सभी विरोधियों की बोलती बंद हो जायेगी.

पाकिस्तान को पड़ा हंटर और भारत को दी खुशखबरी




अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक अमेरिका में रह रहे 7.5 लाख भारतीयों के लिए बड़ी खुशखबरी आयी है. अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है जिसमें एच-1बी वीजा धारकों को देश छोड़ने पर मजबूर किया जाए.

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप सरकार ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर कभी विचार नहीं कर रही है जिसमें एच-1बी वीजा धारकों को देश छोडऩे पर मजबूर किया जाए.अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की ओर से यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है जब इस तरह के समाचार आ रहे थे कि ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा नियमों को सख्त बनाने पर विचार कर रहा है.

अमेरिका ने दी लाखों भारतीयों को गुड न्यूज

विदेशी लोगों के लिए एच1बी वीजा को देखनेवाली एजेंसी यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के चीफ ऑफ मीडिया रिलेशंस जॉनाथन ने बताया- “यूएसआईसीएस की तरफ से एसी-21 की धारा 104 (सी) जो विदेशी नागरिक को एच1बी वीजा पर छह साल से ज्यादा रहने की इजाजत देता है.

इसलिए उसमे किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. इस घोषणा के बाद अमेरिका में काम कर रहे और भारत से यूएस जाकर काम करने का सपना देखने वाले भारतीयों के लिए यह बहुत ही राहत की खबर है. ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा के बाद लाखों भारतीय इस गुड न्यूज को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर कर रहे हैं.

वाशिंगटन ने कहा, “राष्ट्रपति के शासकीय आदेश बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन के आदेश के बाद एजेंसी ऐसी कई नीतियों और उसके बदलाव पर विचार कर रही है जिसमें रोजगार आधारित वीजा कार्यक्रम की गहन समीक्षा भी शामिल है.

बता दें कि शोध संस्थान कट्स इंटरनेशनल के अनुसार, अगर अमेरिका की ट्रंप सरकार के ग्रीन कार्ड आवेदकों को एच1बी वीजा नहीं दिए जाने के प्रस्ताव का कार्यान्वयन किया जाता है तो वहां काम कर रहे लगभग लगभग पांच लाख भारतीयों को वापस लौटना पड़ सकता है.




लेकिन अब जब खुद अमेरिकी अधिकारी ही इस बात का खंडन कर रहे हैं की किसी भारतीय की नौकरी खतरे में नहीं पड़ेगी. ऐसे में ये उन सभी कांग्रेसी और मोदी विरोधियों के लिए करारा जवाब है जो मोदी सरकार की कूटनीति और अमेरिका को भविष्य में भारत के लिए बड़ा खतरा बताते रहते हैं.

क्या है H-1B वीजा?

H-1B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है, इसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी थ्योरिटिकल या टेक्निकल एक्सपर्ट्स को अपने यहां रख सकती हैं. H-1B वीजा के तहत टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल हजारों इम्प्लॉइज की भर्ती करती हैं. USCIS जनरल कैटेगरी में 65 हजार फॉरेन इम्प्लॉइज और हायर एजुकेशन (मास्टर्स डिग्री या उससे ज्यादा) के लिए 20 हजार स्टूडेंट्स को एच-1बी वीजा जारी करता है.

loading…


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *