PNB बैंक के बाद एक और बड़ा 5000000000 रूपए का घोटाला आया सामने,सीएम ममता बनर्जी फंसी बड़ी मुसीबत में

नई दिल्ली : देश में एक बाद एक बैंक घोटाले और उससे संबधित बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं. अभी पी चिदंबरम के मंत्री पद पर रहते हुए PNB बैंक घोटाले में नाम आया, तो वहीँ OBC बैंक घोटाले में पंजाब सीएम के दामाद पर केस दर्ज कर लिया गया है. तो वहीँ अब एक और CANARA बैंक का बड़ा घोटाला सामने आया है जिसमे बंगाल सीएम ममता बनर्जी बड़ी मुसीबत में फंसती नज़र आ रही है.





PNB बैंक के बाद अब canara बैंक का 5000000000 रूपए का घोटाला आया सामने

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के बाद केनरा बैंक में भी पांच सौ करोड़ का घोटाला सामने आया है. इस बड़े घोटाले के मास्टरमाइंड जिनको सीबीआई ने कोलकाता बैंक फ्राड केस में शिवाजी पांजा और कौस्तुव रे को गिरफ्तार कर लिया है. आप जानकार दंग रह जाएंगे गिरफ्तार शिव रे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी हैं.

बैंक फ्राड के सिलसिले में केनरा बैंक ने पहले शिकायत की थी जिसके बाद सीबीआई ने एक्शन लिया. बता दें शिवाजी रे आरपी इन्फोसिस्टम के डायरेक्टर हैं और बड़ी राजनीतिक पहुंच वाले हैं. बगैर राजनितिक दबिश के इतना बड़ा घोटाला होना संभव ही नहीं है.

मुश्किल में ममता बनर्जी सीबीआई कर सकती है पूछताछ

 

अब सीबीआई को बड़ी कामयाबी मिली है मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जो कि बंगाल सीएम ममता बैनर्जी का करीबी बताया जा रहा है. अब सीबीआई जांच सीएम ऑफिस तक पहुंचेगी और इस मामले में सीएम से भी पूछताछ हो सकती है.

बता दें केनरा बैंक ने 27 फरवरी को घोटाले की जांच कराने के लिए आरपी इन्फोसिस्टम के डायरेक्टर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था. कोलकाता के लालबाजार स्थित यह कंपनी चिराग ब्रांड के अंतर्गत कंप्यूटर से संबंधित उत्पाद का व्यापार करती है.






एफआईआर में कहा गया है कि आरपी इंफोसिस्टम पर 10 बैंकों के समूह से फर्जी दस्तावेजों के सहारे 515.15 करोड़ रुपये लोन लिया था. आरोपियों ने केनरा बैंक के अलावा स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला पंजाब नेशनल बैंक, और फेडरल बैंक से भी लोन लिया था.

केनरा बैंक द्वारा फाइल की गई शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने बिजनेस के लिए गलत दस्तावेज बैंक में जमा कराए थे. एफआईआर में कहा गया है कि कंपनी ने केनरा बैंक के साथ आपराधिक षणयंत्र किया है और विश्वसनीय मामलों में धांधली की है.

पीएनबी को लगे 12,600 करोड़ के चूने के बाद से बैंख धोखाधड़ी की घटनाएं और भी बढ़ती जा रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले नीरव मोदी और गीतांजली जेम्स के मालिक मेहुल चोकसी से संबंधित पीएनबी धोखाधड़ी मामले में 1,300 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद बैंक को लगी कुल चपत की रकम बढ़कर 12,600 करोड़ रुपये हो गई है.

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