मोदी राज में भारत को अंतराष्ट्रीय चुनाव में भी मिली धमाकेदार जीत, संयुक्त राष्ट्र में गाड़ा भारत का झंडा…

आज भारत का मान सम्मान विश्व के स्तर पर पहले से कई गुना बढ़ता जा रहा है. विश्व के दिग्गज देशों को पछाड़ भारत अपना लोहा मनवा रहा है. अभी कुछ वक़्त पहले ही अंतर्राष्ट्रीय अदालत में भारत ने ब्रिटेन को 46 साल में पहली बार करारी हार का मज़ा चखाया था. तो अब एक बार फिर भारत ने इस बड़े अंतर्राष्ट्रीय संगठन के चुनाव में बड़े देशों को पीछे छोड़ते हुए भारत का झंडा गाड़ दिया है.

भारत ने अंतराष्ट्रीय चुनाव में दर्ज करी धमाकेदार जीत




बड़ी खबर के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का दबदबा लगातर बढ़ता जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के चुनाव में धमाकेदार जीत दर्ज करी है. अब भारत अगले दो वर्षों तक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन का सदस्य बना रहेगा. कुल 10 सदस्यों वाले इस संगठन का भारत 1959 से सदस्य है. लेकिन खास बात जो रही उसे सुन तो आप भी दंग रह जायेंगे.

पछाड़ा दिग्गज देशों को, मनवाया भारत का लोहा

बड़ी बात जो रही वो ये कि इस चुनाव में जर्मनी के बाद सबसे ज़्यादा वोट भारत को मिले. जहाँ जर्मनी को 146 वोट मिले, वहीं 144 वोटों के साथ भारत दूसरे नंबर पर रहा और ऑस्ट्रेलिया 143 वोट पर तीसरे स्थान पर है. इसके अलावा जिन बड़े देशों को भारत ने पछाड़ा वो कुछ इस प्रकार हैं फ्रांस को 140, कनाडा को 138, स्पेन को 137, ब्राजील को 131, स्वीडन को 129, नीदरलैंड को 124 और संयुक्त अरब अमीरात 115 मत प्राप्त हुए. पाकिस्तान जैसे आतंकी देश भी इस चुनाव में जीत हासिल करने में असफल रहा. यह भारत के लिए बड़े गर्व की बात है.

चीन काफी वक़्त से इसमें पकिस्तान को जीत दिलाने की कोशिश कर रहा है लेकिन हर बार उसके हाथ खाली रह जाते हैं. हाल ही में यूके दौरे के दौरान नितिन ने कहा कहा था कि अगर भारत को पुनः निर्वाचित किया जाता है तो भारत, आईएमओ के उद्देश्यों के विकास की दिशा में नए सिरे से प्रतिबद्धता के साथ काम करेगा.

उन्होंने यह भी कहा था कि भारत वैश्विक समुद्री समुदाय के निरंतर विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रयासरत रहेगा.

नितिन गडकरी ने किया ट्वीट, बड़े गर्व की बात है

चुनाव के बाद यूके में मौजूद भारतीय हाई कमीशन ने खुशी जाहिर करते हुए ट्वीट किया कि यह देश के लिए गर्व की बात है. बता दें कि नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद लंदन जाकर IMO के वार्षिक समारोह में हिस्सा लिया था और भारत के लिए सपोर्ट भी मांगा था.




आईएमओ में भारत का रहना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि देश का एक बड़ा हिस्सा समुद्र किनारे हैं. आपको बता दें कि भारत की करीबन 7500 किमी लम्बी सीमा समुद्र से सटी है। इसमें भारत के 12 मुख्य और करीबन 200 छोटे बंदरगाह हैं, 111 समुद्री मार्ग हैं.

आइएमओ परिषद क्या है ?

आइएमओ यूएन की ऐसी एजेंसी है जो नौवहन के बचाव और सुरक्षा पर नजर रखती हैं, यह भी देखती है कि जहाजों द्वारा ज्यादा प्रदूषण ना किया जाए. संस्था का मुख्य मुख्यालय लंदन में है और यह संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत आती है. इस संस्था के माध्यम मे सदस्य देशों के बीच में समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जाते है. यह समुद्री व्यापारों की रणनीति और बजट के विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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