ब्रेकिंग- चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने दिखाए तेवर, अपनी सेना को दिए ऐसे खतरनाक निर्देश, मोदी भी हैरान..

पहले डोकलाम में, फिर लद्दाख में और अब अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ करने वाले चीन के इरादे भी पाकिस्तान की ही तरह नापाक हैं. अभी हाल ही में चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में सड़क निर्माण सामग्री व् उपकरण लेकर घुस आये थे, हालांकि भारतीय सेना के एक्शन कारण वो भाग निकले. अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुलकर अपनी सेना को स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिन्हे भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा ख़तरा माना जा रहा है.

जिनपिंग ने सेना को दिए युद्ध की तैयारी के निर्देश




चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना से कहा है कि वो युद्ध के लिए तैयार रहे. राष्ट्रपति जिनपिंग ने सेना को एक विशिष्ट सैन्य बल गठित करके वास्तविक एवं डिजिटल युद्ध स्थितियों में प्रशिक्षण कराने का आदेश दिया है. युद्ध के लिए एक खास तरह का बल गठित करने से यह सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर चीन क्या चाहता है, उसकी मंशा क्या है?

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के महासचिव और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के अध्यक्ष शी ने सेंट्रल थियेटर कमांड में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक विभाग के निरीक्षण के दौरान ये निर्देश दिए हैं.

एलीट कॉम्बैक्ट फोर्स गठित करने के निर्देश

चीन के सबसे शक्तिशाली नेता समझे जाने वाले शी ने चीनी सेना को एक एलीट कॉम्बैक्ट फोर्स गठित करने के बारे में निर्देश दिए. एक समारोह के दौरान शी ने सैन्य प्रशिक्षण से संबंधित निर्देश जारी किये, जहां पूरे चीन से 4000 सैनिक एकत्र हुए थे.

बात दें कि चीन ने हाल ही में नई हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल DF-17 का परिक्षण भी किया है. ये मिसाइल अमेरिका, जापान और भारत की रक्षा प्रणालियों को तबाह करने की सक्षम है. जानकारी के मुताबिक़ चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने नवंबर 2017 में हाइपरसोनिक ग्लाइडेड व्हीकल (HGV) मिसाइल के दो टेस्ट किए. इस मिसाइल को DF-17 के नाम से भी जाना जाता है. यह 7,680 मील प्रति घंटे की गति तय करने में सक्षम है.

चीन के तेवर आक्रामक

चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने नए साल के मौके पर दिए अपने संदेश में कहा है कि अब चीन सभी बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में अपनी बात प्रमुखता से रखेगा. इसके साथ ही शी ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वन बेल्ट वन रोड’ को और सक्रियता से आगे बढ़ाने का आह्वान किया.






शी ने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र की प्रभुता और कद को दृढ़तापूर्वक बनाए रखेगा और अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को बढ़-चढ़कर पूरा करेगा.

चीन ने अपने आक्रामक तेवर स्पष्ट कर दिए हैं, ऐसे में ये और भी महत्वपूर्ण हो गया है कि भारत भी अपनी सेना को ज्यादा से ज्यादा मजबूत बनाये, क्योंकि चीन पहले भी भारत की पीठ पर छुरा भोंक चुका है. जिस तरह से चीनी सैनिक भारतीय इलाकों को अपना बताकर घुसपैठ करते आ रहे हैं, उससे चीन के मंसूबे नेक नहीं.

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