गरीबों व् मध्यमवर्गीय लोगों को मोदी ने दिया सबसे जबरदस्त तोहफा, ख़ुशी से झूम उठी देश की जनता..

देश के विकास में रात-दिन एक किये पीएम मोदी ने एक और बेहद ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे देश के 18 करोड़ लोगों का जीवन संवर जाएगा. ये बात तो सभी जानते हैं कि इस देश के अधिकतर लोग काफी गरीब हैं और उनके लिए दो वक़्त का गुजारा करना भी मुश्किल होता है. गरीबी मिटाने के नाम पर वोट तो नेहरू से लेकर राहुल गाँधी तक मांगते आये हैं, लेकिन किसी ने कुछ ख़ास नहीं किया.

देश में पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब देश के आम आदमी के लिए ऐसा बड़ा कदम उठाया जा रहा है. मोदी सरकार ने देश की जनता को फ़ूड सब्सिडी देने का फैसला लिया है, ख़ास बात ये है कि सब्सिडी की रकम सीधे लोगों के बैंक खाते में जमा की जायेगी. मोदी सरकार के इस कदम से हर साल 18 करोड़ लोगों के बैंक खातों में लगभग 9 हज़ार रुपये सरकार की ओर से जमा किये जाएंगे और वो भी बिना कुछ किये. सरकार ने जनता के बीच इस योजना का ट्रायल भी शुरू कर दिया है.




कैसे पूरी की जाएगी ये योजना?

बताया जा रहा है कि यूँ तो पिछले सरकारों ने भी गरीबों को सस्ता राशन देने की व्यवस्था की थी, राशन कार्ड भी बनवाये गए लेकिन उससे गरीबों का कम बल्कि सरकारी बाबुओं का ज्यादा फायदा होता है. फर्जी राशन कार्ड बनवाकर बड़े पैमाने पर गरीबों के राशन की चोरी की जाती है. इसलिए मोदी सरकार ने राशन का पैसा सीधे लोगों के बैंक अकाउंट में जमा कराने का फैसला लिया है.

आंकड़ों के मुताबिक़ फिलहाल देश में 5 लाख 27 हजार सरकारी राशन की दुकानें चल रही हैं. इन दुकानों से गरीबों को एक से लेकर तीन रुपए प्रति किलो तक गेंहू या चावल मिलता है. हालांकि सरकार यही राशन 25 से लेकर 30 रुपए प्रति किलो की कीमत पर खरीदती है. यानी सरकार को हर किलो पर 20 से 25 रुपए तक का घाटा उठाना पड़ता है.

मौजूदा सावर्जनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में इतनी कमियां हैं, जिसके चलते कई ऐसे लोग हैं जो गरीबों के लिए आये इस राशन को डकार जाते हैं और गरीब बेचारे को भूखे पेट ही सोना पड़ता है. इसी खामी को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फ़ैसला किया है. इस फैसले के तहत अब सरकार बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) आने वाले परिवारों को हर महीने सब्सिडी वाला राशन देने की जगह सब्सिडी की रकम बैंक खाते में देने का फैसला किया है.






जान लीजिये कैसे आयेंगे आपके खाते में पैसे

बताया जाता है कि देश में एपीएल और बीपीएल केटेगरी के राशनकार्ड धारकों की कुल संख्या 18 करोड़ से ज्यादा है. सरकारी आंकड़े के अनुसार सब्सिडी वाले अनाज का फायदा लगभग 81 करोड़ लोगों को मिलता है. यानी इस पर हर साल सरकार का 1.40 लाख करोड़ रुपया खर्च होता है.

स्पष्ट है कि सरकार हर महीने फूड सब्सिडी के रूप में तकरीबन 11 हज़ार 666 करोड़ रुपए खर्च करती है. अब सरकार की योजना है कि इसी पैसे को सीधे लोगों के खाते में जमा कराया जाए. इसी के तहत सरकार देश के 18 करोड़ लोगों को हर साल 8 हज़ार से लेकर 9 हजार रुपए तक की नकद राशि अनाज खरीदने के लिए उनके खातों में देने वाली है.

वैसे ये कोई पहला अवसर नहीं है, जब सरकार सब्सिडी को कैश के रूप देने जा रही हो. इससे पहले मोदी सरकार एलपीएजी सब्सिडी को भी इसी तरह की व्यवस्था से जोड़ चुकी है. फ़ूड सब्सिडी में किसी तरह का घोटाला ना हो सके, इसके लिए देश के 5 लाख 27 हजार राशन डिपो को इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल से जोड़ा जाएगा. इनमे से 2 लाख 20 हजार डिपो को इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल से जोड़ा जा भी चुका है.




इसी के साथ रांची में नई व्यवस्था का पाइलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाने का फैसला लिया गया है. इस फैसले के तहत सरकार खाताधारकों को कैश सब्सिडी देगी और खाता धारक उस पैसे से इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल वाले राशन डिपो से सस्ता अनाज खरीदे सकेंगें.

इस व्यस्था के जरिये राशन डिपो होल्डर के पास हर महीने खरीदे जाने वाले अनाज और खाताधारकों की संख्या के साथ साथ सब्सिडी के रूप में दी गई रकम का खर्च अनाज पर होना सुनिश्चित किया जाएगा. योजना के मुताबिक यदि कोई राशन कार्डधारक किसी महीने में अनाज नहीं खरीदता है तो अगले महीने उसकी नकद सब्सिडी रोकने का प्रावधान भी रखा जा रहा है. इस व्यवस्था के जरिये राशन वितरण प्रणाली में हो रही करोड़ों की लूट रुक जायेगी और गरीबों को उनका असली हक़ मिल सकेगा.

loading…


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *