जगन्नाथ रथ यात्रा पर आतंकी ख़तरा देख मोदी सरकार ने तैनात किया ऐसा इसरायली हथियार, आतंकियों में मची भगदड़

नई दिल्ली : इजराइल भारत का सच्चा मित्र रहा है. इजराइल ने अच्छे दोस्त की तरह हर मुसीबत में भारत का साथ दिया है. कारगिल युद्ध में भी इजराइल ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाली गाइडेड मिसाइलें भारतीय सेना को दी थीं. अब खबर आ रही है कि एक बार फिर इजराइल की मदद से भारत आतंक का सामना करेगा.

 

इजराइली बलून ड्रॉन करवाएगा आतंकियों का खात्मा

14 जुलाई को अहमदाबाद में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर आतंकी खतरे का साया मंडरा रहा है. किसी अनहोनी से बचाने के लिए गुजरात पुलिस की तरफ से सुरक्षा के खास इतंजाम किये गए हैं. इसरायली तकनीक की सहायता से आतंकियों के नापाक इरादे नाकाम किये जाएंगे. गुजरात पुलिस के मुताबिक रथयात्रा के 15 किमी लम्बे रूट पर पहली बार इजराइली हीलियम बैलून लगाए जाएंगे, जिसपर लगे हाईडेफिनेशन कैमेरों की मदद से हर शख्स पर नजर रखी जायेगी.




हालांकि रथयात्रा में किसी भी तरह की कोइ गड़बड़ी न हो, इसलिये पुलिस ने खास सुरक्षा इंतजाम किये है. भगवान जगन्नाथ कि 141वीं रथयात्रा में गुजरात पुलिस के 14270 पुलिसकर्मी, स्टेट रिजर्व पुलिस की 22 कंपनीयां, अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियां, चेतक कमान्डो की 1 टीम और 5400 होमगार्ड के साथ साथ बम डिस्पोजल स्क्वाड की 10 टीमें तैनात रहेंगी.

अहमदाबाद ज्वाइन्ट पुलिस कमिश्नर क्राइम जे.के.भट्ट का कहना है कि, रथयात्रा के दौरान पुलिस के दो अलग अलग फोर्स रहेंगे, एक टीम रथयात्रा के दौरान स्थाई रहेगी जबकि दूसरी रथयात्रा के साथ साथ मूव करेगी. वहीं क्राईम ब्रांच की पुरी टीम भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के रथ के साथ तैनात रहेगी. यही नहीं रथयात्रा में किसी भी तरह की सुरक्षा चुक ना हो इसके लिये पुलिस ने पहले से ही रथयात्रा के रुट पर गश्त लगानी शुरु कर दी है.

 

ज्वाइन्ट सीपी जे.के.भट्ट के मुताबिक 99 स्थल पर 150 कैमेरों से पुरी रथयात्रा पर नजर रखी जायेगी. तो वहीं पहली बार इजरायल हीलयम बैलुन भी रथयात्रा के रुट पर लगाये जायेंगे. जिसपर लगे हाईडेफिनेशन कैमेरों से लगातार हर शख्स पर नजर रखी जायेगी. इन कैमरों की मदद से डे-नाईट इमेज में काफी क्लैरिटी रहती है. यह बैलून सुरक्षा के लिये उन इलाकों में लगाए जायेंगे जहां सकरी गलीयां है और जो इलाके संवेदनशील हैं. जे.के.भट्ट के मुताबिक हिलयम बैलून एक बार उड़ने के बाद 72 धंटो तक हवा में रह सकता है. इसलिए इसे बार बार नीचे उतारने की जरुरत नही रहेगी. आतंकियों की कोई वारदात करने से पहले ही पुलिस व् सुरक्षाकर्मियों को इसकी सूचना मिल जायेगी.



पहली बार एनएसजी कमांडो की भी होगी तैनाती

रथयात्रा में पहली बार एनएसजी कमांडो की एक टुकड़ी की भी तैनाती की जाएगी. २५ हजार सुरक्षा जवानों में अद्धसैनिक बल की २६ कंपनियां तैनात होंगीं. पूरे यात्रा रूट को २६ भागों में विभाजित किया है. इन्डो तिबेट पुलिस फोर्स भी जुड़ेगी. रथ, हाथी, ट्रक, भजन मंडली के लिए मूविंग बंदोबस्त है, जिसकी जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी है.

एक विशेष कमिश्नर, छह उपायुक्त, २५ एसीपी, ३६ पीआई, २०३ पीएसआई सहित २०१७ पुलिसकर्मी जुड़ेंगे. रेंज चार से पांच के लिए स्टेटिक बंदोबस्त होगा. प्रत्येक रेंज में एसपी को जिम्मेदारी सौंपी है. चार संयुक्त पुलिस आयुक्त, ३६ उपायुक्त, ७६ एसीपी, २०९ पीआई, ५७०० होमगार्ड तैनात होंगे. १६७ स्थलों पर २५९ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे.

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