भारत ने दिखाई फौलादी सीने की ताक़त, दाग दी महा-विनाशक सुपरसॉनिक मिसाइल, पाकिस्तान,चीन के भी छूटे पसीने

नई दिल्ली : भारत दिन पर दिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वैश्विक शक्ति बनने की ओर बढ़ता जा रहा है. ऐसे में अपने दो पड़ोसी देशों चालक चीन ओर आतंकवादी पाकिस्तान को लेकर हर वक़्त सचेत रहने की ज़रूरत है. पीठ पीछे वार करने में ये दोनों देश आगे हैं. ऐसे में भारत पर कोई दुश्मन देश आँख न उठा सके इसके लिए हर इंतज़ाम पहले से कर लेना सही है. इसीलिए आज भारत ने अपनी ताक़त आज़माते हुए सुपरसॉनिक इंटरसेप्टर मिसाइल को दाग दिया है.


अभी मिल रही ANI न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने एक ओर बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है. भारत ने गुरुवार दोपहर को सुपरसॉनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया. रक्षा सूत्रों ने कहा कि इस मिसाइल में कुछ बेहतर सुविधाएं जोड़ी गई हैं उनकी जांच के लिए यह परीक्षण किया गया है.

ओडिशा के बालासोर जिले में अब्दुल कलाम द्वीप से चतुर्थ लांच पैड से करीब 11.24 बजे सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही मार गिराने में सक्षम है। रक्षा शोध व विकास संगठन (डीआरडीओ) का कहना है कि इस परीक्षण ने सभी मानकों को पूरा कर लिया। इंटरसेप्टर मिसाइल को 7.5 मीटर लंबे सॉलिड रॉकेट से छोड़ा गया.

एयर डिफेंस के लिहाज से भारत के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है. गौरतलब है कि जिस तरह भारत के पड़ोस में पाकिस्तान और चीन जैसी बड़ी शक्तियां हैं और उनकी टेढ़ी निगाहें लगातार भारत पर बनी रहती हैं. ऐसे में इस तरह का डिफेंस सिस्टम मिलना हमारे देश के लिए एक बड़ी कामयाबी है.

अभी इस शील्ड का परीक्षण किया गया है, 2022 तक ये शील्ड भारत की सीमाओं की रक्षा करने के लिए तैयार होगी. इस पूरे मिशन को मानवीय हस्तक्षेप के साथ मिशन कंप्यूटर के तहत पूरा किया गया है.


इस परीक्षण के दौरान रडार, मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और टेलिमेटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया गया

बता दें कि, इससे पहले बीते 16 जुलाई को भारत ने सफलतापूर्वक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्राह्मोस’ का परीक्षण किया था। डीआरडीओ के अधिकारी ने बताया था कि इसके साथ भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और मील का पत्थर हासिल कर लिया है.

अभी कुछ दिनों पहले ही रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने अमेरिका से 1 अरब डॉलर में ‘नेशनल एडवांस्ड सर्फेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम-2’ (NASAMS-II) को अधिग्रहण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

वॉशिंगटन और मॉस्को की तरह केंद्र की मोदी सरकार देश की राजधानी दिल्ली को अभेद्य सुरक्षा प्रदान करने की तैयारी में है. इसके तहत दुश्मन चाहकर भी राजधानी पर मिसाइल, ड्रोन और विमान से हमला नहीं कर पाएंगे. भारत सरकार अपने प्रयासों से दिल्ली को चारों तरफ से मिसाइलों के रक्षा कवच से ढंकने की तैयारी में है.

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