संयुक्त राष्ट्र में भारत ने गाड़ दिया अपना झंडा, दुनिया भर में मची खलबली, शक्तिशाली देशों ने किया सलाम, राहुल समेत कांग्रेस रह गयी दंग

नई दिल्ली : पिछले दो साल से मोदी सरकार में भारत के लिए सिर्फ अच्छी खुशखबरियों की जैसे लाइन लग गयी है. भारत एक के बाद एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान दर्ज करवाता जा रहा है और पूरी दुनिया में दिग्गज शक्तिशाली देशों के सामने अपना डंका बजा रहा है. हाल ही में खुद संयुक्त राष्ट्र ने बहुत बड़ी बात कही थी कि “भारत की तरक्की पर पूरी दुनिया की तरक्की निर्भर करेगी”. ऐसे ही एक बार फिर भारत को पहली बार बड़ी कामयाबी मिली है जिसे देख आप भी गर्व महसूस करेंगे. लेकिन कांग्रेस फिर भी यही कहेगी कि विकास पागल हो गया है.

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मोदी राज में संयुक्त राष्ट्र में भारत ने गाड़ा अपना झंडा

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार तरक्की कर रहा है और नए मुकाम हासिल कर रहा है. अभी तक विश्व बैंक के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स के टॉप-100 देशों में शामिल होने के बाद मोदी सरकार को एक और कामयाबी मिली है. भारत कि ज़बरदस्त आर्थिक नीतियों कि वजह से भारत अब संयुक्त राष्ट्र(UNITED NATIONS) के ई-गवर्नेंस इंडेक्स में भी पहली बार टॉप- 100 देशों में शामिल हो गया है.

यूएन में अपनी अलग छाप छोड़ी

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद भारत पिछले चार साल में ई-गवर्नेंस इंडेक्स में 22 अंकों की छलांग लगा चुका है। साल 2014 में इस इंडेक्स में भारत 118 वें स्थान पर था, अब 96वें पर आ गया है. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में आर्इटी क्षेत्र में किस तरह से काम हो रहा है . आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार ने यूएन में अपनी अलग छाप छोड़ी हैं वर्ल्ड बैंक ने पिछले अर्थव्यवस्था पर अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें भारत छठे स्थान पर पहुंच गया था.

यूएन अपनी यह रिपोर्ट हर दो सालों में जारी करता है। भारत ने ई-पार्टिसिपेशन सब इंडेक्स में 100 फीसदी स्कोर किया है, वहीं दूसरे चरण में इसने 95.65 फीसदी और तीसरे चरण में 90.91 फीसदी स्कोर किया है। 0.9551 के ओवरऑल स्कोर ने 193 काउंटी के सूची सर्वेक्षण में भारत को शीर्ष 15 देशों में रखा है। इस श्रेणी में, भारत सब-रीजन के लीडर के रुप में उभरा है। गौरतलब है कि डेनमार्क ई-गवर्नेंस इंडेक्स और ई-पार्टिसिपेशन सब इंडेक्स दोनों के ही मोर्चे पर वर्ल्ड लीडर है.

गौरतलब है कि हाल ही वर्ल्ड बैंक की आेर से रिपोर्ट जारी की थी। जिसमें भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी थी। भारत ने फ्रांस को पीछे छोड़ा था। वहीं कर्इ एजेंसियां भारत की अर्थव्यवस्था आैर विकास दर को लेकर कर्इ सकारात्मक टिप्पणी कर चुकी हैं.

दुनिया के शक्तिशाली देशों के सामने बजा डंका

मोदी के नेतृत्व में देश ना सिर्फ पूरी रफ्तार बल्कि सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। नजर डालते हैं पिछले चार वर्षों में भारत की कुछ अहम उपलब्धियों पर..

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में टॉप 100 में पहुंचा भारत

1)भारत ने विश्व की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2018 में 30 अंको की जबदस्त उछाल हासिल किया है। अब भारत विश्व की ओवरऑल रैंकिंग में 100 वें स्थान पर आ गया है, जो कि पिछले साल 130 वें स्थान पर था. इसमें विशेष बात यह है कि किसी भी देश द्वारा लगाई गई अब तक की यह सबसे बड़ी उछाल है। इसके साथ ही भारत इस Jump के बाद दुनिया में 10 सबसे बड़े सुधार करने वाले देशों में शामिल हो गया है.

2) हाल ही में दुनियाभर में इनोवेशन के मामले में भारत की रैंकिंग में 3 स्थान का सुधार हुआ है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) की सूची में भारत 57वें नंबर पर है, पिछले साल भारत 60वें नंबर पर था.

 

3) इसके साथ ही ग्लोबल पीस इंडेक्स-2017 में भारत चार पायदान ऊपर चढ़कर 137 वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत अब 163 देशों में पिछले साल की रैंकिंग 141 की तुलना में चार पायदान सुधार के साथ 137वें नंबर पर है.

4) भारत 8,230 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ विश्व का छठा सबसे धनी देश है। अफ्रएशिया बैंक की वैश्विक संपत्ति पलायन समीक्षा (AfrAsia Bank Global Wealth Migration Review) रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका 62,584 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ शीर्ष पर है। रिपोर्ट के अनुसार 2027 तक भारत, ब्रिटेन और जर्मनी को पछाड़ दुनिया का चौथा सबसे धनी देश बन जाएगा.

5) मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत, टॉप 10 की सूची में दुनिया का 8वां बड़ा बाजार बन गया है। दरअसल भारतीय शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी का दौर मार्केट कैपिटलाइजेशन की रैंकिंग में लगातार बड़े बदलाव कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय शेयर बाजार ने अपने मार्केट कैपिटलाइजेशन में आई 49 % की तेजी के चलते कनाडा को पीछे छोड़कर यह स्थान बनाया है.

6) ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स में एक पायदान ऊपर चढ़कर भारत 68वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल भारत रैंकिंग में जबरदस्त 29 स्थानों की बढ़त के साथ 69 वें स्थान पर रहा था। 137 देशों की इस सूची में अमेरिका पहले स्थान पर है। प्रत्येक देश को अपने ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स (जीईआई) स्कोर के हिसाब से स्थान दिया गया है.

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7) विश्व स्तर पर भारत प्रतिभा आकर्षित करने, उसे विकसित करने और उसे अपने यहां बनाए रखने के मामले में तीन पायदान ऊपर आ गया है। स्विट्जरलैंड स्थित International Institute for Management Development (IMD) की ओर से तैयार की गई इस रैंकिंग में भारत अब 54वें से 51वें स्थान पर आ गया है.

8) हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के एक सर्वे में प्रधानमंत्री मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार को दुनिया की तीसरी सबसे भरोसेमंद सरकार बताया गया है। WEF के सर्वे के अनुसार करीब तीन चौथाई भारतीयों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा जताया है. सर्वे के नतीजों में बताया गया है कि देश में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम और टैक्स सुधारों के कारण मौजूदा सरकार में भरोसा बढ़ा है.

9) वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसा, ईज ऑफ पेइंग टैक्स में भारत 53 स्थानों की छलांग लगाकर 119वें स्थान पर आ गया है। इससे पहले भारत का स्थान 172वां था। Resolving insolvency की रैंकिंग में भारत का स्थान 136वां था, जो कि अब 33 नंबर के उछाल के साथ 103वें पर आ गया है। नया व्यापार शुरू करने के लिहाज से भारत 156वें स्थान पर है लेकिन कई ऐसी इनीशिएटिव्स हैं जिनपर काम किया जा रहा है। हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत एक ऐसा देश है, जो संरचनात्मक सुधारों का काम कर रहा है..

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