IRCTC घोटाले में बुरी तरह फंसे राबड़ी,तेजस्वी को लेकर आया कोर्ट से बड़ा चौंकाने वाला फैसला, RJD समर्थकों ने काटा हंगामा

नई दिल्ली : 110 दिन की बीमारी के नाम पर छुट्टी लेने के बाद कल लालू यादव को वापस जेल में डाल दिया गया. लालू यादव के पूरे परिवार पर ही अनेक घोटालों ,चारा, मिटटी, ज़मीन, irctc ,मनी लॉन्ड्रिंग आदि के घोटालों के केस चल रहे हैं. हर दूसरे दिन बारी बारी से कोई न कोई सदस्य कोर्ट के चक्कर लगाता ही रहता है. लेकिन आज बहुत बड़ा अहम् दिन है क्यूंकि IRCTC टेंडर घोटाले की नज़र से जिसमे अभी राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 14 आरोपियों को लेकर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है.

 

IRCTC टेंडर घोटाले में आ गया कोर्ट का बड़ा फैसला

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव आईआरसीटीसी घोटाले के मामले में पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए थे. सभी RJD समर्थकों की कोर्ट के फैसले पर नज़र थी कि लौ के बाद इन्हे भी जेल मिलेगी या बेल ? तो अभी अभी फैसला आ गया है कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है.

इस मामले में पौने दस बजे तेजस्वी अपनी मां के साथ पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे थे. सभी आरोपियों ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दी. जज ने सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों एक-एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है.

पेशी के लिए दोनों बुधवार को ही पटना से दिल्ली पहुंच गए थे. कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 14 आरोपियों को समन जारी किया था.अदालत ने ये समन जांच एजेंसी सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए जारी किया था, जिसमें सीबीआई ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 14 लोगों पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था. लालू यादव समेत सभी आरोपियों को अदालत ने आरोपी के तौर पर समन जारी किया था.

गौरलतब है कि विशेष अदालत ने सीबीआई की ओर से दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए 30 जुलाई को ही इस मामले में लालू, राबड़ी, तेजस्वी और अन्य को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था। इससे पहले, पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने सभी आरोपियों को 31 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया था। उन्होंने इस मामले में दो कंपनियों सहित 14 आरोपियों को समन जारी किया था.

 

रेल होटल आवंटन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी पिछले सप्ताह धनशोधन के आरोप में लालू , उनकी पत्नी राबड़ी, उनके बेटे तेजस्वी और अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें लालू के खास करीबी प्रेमचंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता को आरोपी बनाया गया है।

इस मामले में केंद्रीय रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव पर 2004 से 2006 के बीच अपने पद का दुरुपयोग कर आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित दो होटलों को चलाने का ठेका सुजाता होटल्स को देने का और इसके बदले पटना में दो एकड़ बेशकीमती जमीन प्राप्त करने का आरोप है। पेशी के बाद इस मामले में सभी आरोपियों को जमानत भी लेनी पड़ेगी। जमानत नहीं मिलने की स्थिति में जेल भी जाना पड़ सकता है।

बता दें दिल्ली के इसी कोर्ट ने कोयला घोटाले के आरोपियों को ज़मानत दी थी और इसी कोर्ट के जज पर घूस लेकर फैसला में फेरबदल करने का आरोप भी लगा था जिसके बाद से उन जज को ससपेंड कर दिया गया था. लेकिन बड़े शर्म की बात है आज एक घोटाले के आरोपी को कोर्ट को सजा देने में 20 साल से ज़्यादा लग जाते हैं.

 

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